Wednesday, January 3, 2018

समोसा चाट 

छिड़क कर शब्दों का मसाला 
और नज़रिये की चटनी 
लपेट कर अपने अनुभवों के लिफ़ाफ़े में 
तुझे बाटूँगा और बेचूंगा मैं, ऐ ज़िंदगी!
वैसे ही जैसे कि 
कोई हलवाई देता है समोसे की चाट!

मैं नहीं जानता कि 
मैंने तुझमें या तूने मुझमें 
भरे हैं ये जज़्बात आलू से 
और तला है उनको 
हालात की कढ़ाई में 

पर लगता है ऐसा मुझे कि 
जैसे हम दोनों का यह मिश्रण 
अच्छा जम गया है 
जो कुछ भी हो अटपटा सा 
कुछ चटपटा सा बन गया है 

अब मैं बेचूंगा और बाटूँगा तुझे 
ताकि लोगों की जुबां पर 
चढ़ जाये तेरा स्वाद 
और बना रहे अपना साथ
हमेशा... हमेशा के लिए! 

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